आभासी कदाचार (Virtual Malpractice)
आभासी कदाचार/कुप्रथा (Virtual Malpractice/Evil Practice) एक नई सामाजिक कुरीति पनप रही है। इतिहास से लेकर अब तक हम कई सामाजिक कुरीतियों जाति प्रथा, रंग भेद, लिंग भेद, सती प्रथा, बाल विवाह आदि आदि के बारे में जानते हैं। यह समझ आ रहा है कि अभी एक और सामाजिक कुरीति पनप रही है जिसे हम सोशल मीडिया में फेक, अवैध, अफवाह, झूठ के प्रसार के रूप में देखते हैं। कोई एक दो शब्दों में इसे–आभासी पागलपन/ आभासी लापरवाही/ आभासी बदहवासी/ आभासी भूख/आभासी दुर्बलता/ आभासी कुप्रथा/कदाचार भी कह सकते हैं। कोई भी व्यवस्था या खोज अच्छे उद्देश्य से अथवा अच्छी आशा अथवा अच्छी नीयत से समाज के सामने लाई जाती है या यूं कहे समाज को सुगम रूप से सरल रूप से सुचारू रूप से चलाने के लिए लाई जाती है परंतु वही व्यवस्था धीरे-धीरे विकृत होने लगती है।आज इस इंटरनेट सोशल मीडिया के दौर में कोई भी मोबाइल चलाने वाला या सामान्य जानकारी रखने वाला इंसान सोशल मीडिया प्लेटफार्म में अथवा अपना चैनल आदि बनाकर कुछ भी दावे करता है और उसको मानने वाले लोग भी मिल जाते हैं। दावा करने वाला हर इंसान झूठा नहीं ह...